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भूपतवाला बेस हॉस्पिटल में घुसा बारिश का पानी

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 150 बेड के बेस हॉस्पिटल में घुसा बारिश का पानी मरीजों का इलाज करने वाले स्टाफ बाल्टी में बारिश का पानी भरते दिखाई दिये। देखे वीडियो......... कोविड संक्रमित मरिज़ो के इलाज के लिए हरिद्वार स्थित भूपतवाला में बनाये गए बेस हॉस्पिटल में भरा बारिश का पानी। योगगुरू बाबा रामदेव का संस्थान और उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित है हरिद्वार में बेस हॉस्पिटल। एक दिन की बारिश ने बेस हॉस्पिटल में व्यवस्थाओं की खोली पोल। आईसीयू वार्ड तक पहुचा बारिश का पानी। मरीजों की देखभाल करने वाले स्टाफ बाल्टियों में पानी भरते दिखे। पानी की निकासी के लिए नही की गई कोई व्यवस्था। कोविड संक्रमित मरीजो के बेड के नीचे तक घुसा बारिश का पानी। हॉस्पिटल कर्मचारियों द्वारा बारिश के पानी को बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी।

उत्तराखंड में बड़ा फेरबदल 24 आई ए एस चार पी सी एस बदले

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 देहरादून उत्तराखंड में बड़ा फेरबदल मुख्यमंत्री बनने के बाद तीरथ सिंह रावत ने किया बड़ा फेरबदल 24 आईएएस चार पीसीएस और दो सचिवालय संवर्ग अफसरों के शासन ने किये तबादले। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को कमिश्नर समाज कल्याण बनाया गया। आईएएस आरके सुधांशु से हटाई गई खनन की जिम्मेदारी।  प्रमुख सचिव निर्माण ग्रामीण निर्माण की जिम्मेदारी।  आईएएस एलएल फ़ेनयी को सचिव सैनिक कल्याण।  आईएएस मीनाक्षीसुंदरम को सचिव खनन की जिम्मेदारी शैलेश बगोली से परिवहन हटाया गया। डी सेंथिल पांडियन को दी गई सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन की जिम्मेदारी।  नितेश  कुमार झा  से हटाया गया सचिव सिंचाई एवं लघु सिंचाई।  आईएएस पंकज कुमार पांडे को डीजी चिकित्सा शिक्षा। आईएएस रंजीत सिन्हा से कौशल विकास हटा कर दी गई सचिव परिवहन की जिम्मेदारी। एस ए मुरुगेशन को सचिव सिंचाई एवं लघु सिंचाई की जिम्मेदारी।  आईएएस बृजेश कुमार संत को डायरेक्टर खनन । आईएएस चंद्रेश कुमार यादव को कमिश्नर सचिव राजस्व परिषद उत्तराखंड। डॉक्टर वी षणमुगम को सचिव प्रभारी नियोजन तथा डायरेक्टर ऑडिट। नीरज खैरवाल को निदेशक उरेडा।  सुरेंद्र नारायण पाल को सचिव प्रभारी आवास आयु

(अद्भुत प्रसंग, भावविभोर करने वाला प्रसंग जरुर प्ढ़े) बाल्मीकि रामायण और तुलसीकृत रामायण में इस कथा का वर्णन नहीं है, पर तमिल भाषा में लिखी *महर्षि कम्बन की #इरामावतारम्'* मे यह कथा है।  

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सुदीप कपुरवान  द्वारा साभार  (अद्भुत प्रसंग, भावविभोर करने वाला प्रसंग जरुर प्ढ़े) बाल्मीकि रामायण और तुलसीकृत रामायण में इस कथा का वर्णन नहीं है, पर तमिल भाषा में लिखी *महर्षि कम्बन की #इरामावतारम्'* मे यह कथा है।   रावण केवल शिवभक्त, विद्वान एवं वीर ही नहीं, अति-मानववादी भी था..। उसे भविष्य का पता था..। वह जानता था कि श्रीराम से जीत पाना उसके लिए असंभव है..। जब श्री राम ने खर-दूषण का सहज ही बध कर दिया तब तुलसी कृत मानस में भी रावण के मन भाव लिखे हैं-- खर दूसन मो सम बलवंता । तिनहि को मरहि बिनु भगवंता।। रावण के पास जामवंत जी को #आचार्यत्व का निमंत्रण देने के लिए लंका भेजा गया..। जामवन्त जी दीर्घाकार थे, वे आकार में कुम्भकर्ण से तनिक ही छोटे थे। लंका में प्रहरी भी हाथ जोड़कर मार्ग दिखा रहे थे। इस प्रकार जामवन्त को किसी से कुछ पूछना नहीं पड़ा। स्वयं रावण को उन्हें राजद्वार पर अभिवादन का उपक्रम करते देख जामवन्त ने मुस्कराते हुए कहा कि मैं अभिनंदन का पात्र नहीं हूँ। मैं वनवासी राम का दूत बनकर आया हूँ। उन्होंने तुम्हें सादर प्रणाम कहा है। रावण ने सविनय कहा– &

संघ का स्वंयसेवक निस्वार्थ भाव से करता है सेवा कार्य : स्वामी विशोकानन्द भारती

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निर्मल पंचायती अखाड़ा के कोठारी महन्त जसविंदर सिंह शास्त्री महाराज ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को सरोपा और शॉल भेंट कर किया अभिनंदन

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निर्मल पंचायती अखाड़ा के कोठारी महन्त जसविंदर सिंह शास्त्री महाराज ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को सरोपा और शॉल भेंट कर किया अभिनंदन श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा कनखल हरिद्वार की ओर से उत्तराखंड सरकार के राजकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को 9 अप्रैल को अखाड़े की पेशवाई के लिए मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है। आज श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा के वरिष्ठ महन्त और कोठारी महन्त जसविंदर सिंह शास्त्री महाराज की ओर से उनियाल को निमंत्रण पत्र भेंट किया गया। इस अवसर पर महन्त जसविंदर सिंह शास्त्री महाराज ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को शॉल और सरोपा भेंट कर उनको सम्मानित किया गया कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने महन्त जसविंदर सिंह शास्त्री महाराज को माल्यार्पण कर उनका आशीर्वाद लिया कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अखाड़े का निमंत्रण सहर्ष स्वीकार किया और भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में निर्मल अखाड़े की भूमिका की पूरी प्रशंसा की और कहा कि निर्मल अखाड़ा भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्मल पंचायती अखाड़ा संस्कृत भाषा को बढ़ाव

भारतीय संस्कृति का जो स्वरूप संतो ने विश्व पटल पर प्रस्तुत किया है वह सराहनीय है-स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्चारी

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हरिद्वार ब्यूरो भारतीय संस्कृति का जो स्वरूप संतो ने विश्व पटल पर प्रस्तुत किया है वह सराहनीय है -स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा है कि संत परंपरा सनातन संस्कृति की वाहक है और भारतीय संस्कृति का जो स्वरूप संतो ने विश्व पटल पर प्रस्तुत किया है वह सराहनीय है। भूपतवाला स्थित श्री श्री आत्म योग निकेतन धाम आश्रम में आयोजित संत समागम के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि त्याग एवं तपस्या की प्रतिमूर्ति ब्रह्मलीन स्वामी आत्मानंद सरस्वती महाराज एक महान संत थे। जिन्होंने संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का प्रचार प्रसार कर राष्ट्र निर्माण में अपना अतुल्य योगदान प्रदान किया। युवा पीढ़ी को उनके आदर्शो को अपनाकर सनातन धर्म के उत्थान में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए। कार्यक्रम को अध्यक्ष पद से संबोधित करते हुए महंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि संतों का जीवन सदैव परोपकार को समर्पित रहता है। ब्रह्मलीन स्वामी आत्मानंद सरस्वती महाराज ने सदैव ही भावी पीढ़ी को संस्कारवान ब

उत्तरी हरिद्वार से बैरंग लौटी पंजाब पुलिस

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 हरिद्वार ब्यूरो उतरी हरिद्वार में पार्षद के घर पहुंची पंजाब पुलिस को स्थानीय लोगो और बीजेपी के नेताओ ने बैरंग लौटाया । प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी केस को लेकर पंजाब पुलिस वार्ड नंबर एक पार्षद अनिल मिश्रा के घर छापेमारी करने पहुंची इसकी भनक लगते ही मंत्री मदन कौशिक के पी आर ओ आलोक शर्मा ,बीजेपी नेता बृजभूषण विद्यार्थी, सतपाल ब्रह्मचारी ,विमल त्यागी,अनिरुद्ध भाटी ,विदित शर्मा, मयंक त्यागी ,राजा ममगाई, देवेश ममगई  आदि कई नेता मोके पर पहुंच गए और पंजाब पुलिस को समझ बुझा कर वापिस लौटाया ।

ब्रेकिंग -हरिद्वार में भूकंप के झटके

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बिग ब्रेकिंग  हरिद्वार में भूकंप के झटके  भूकम्प  का बड़ा झटका झटके से लोगों में दहशत का माहौल  आज सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर आया हरिद्वार और आसपास के क्षेत्र में भूकम्प का झटका अभी भूकम्प की त्रिवता को नही नापा गया आई आई टी रूड़की का  भूकम्प विभाग  त्रिवता और उसका क्षेत्र की जानकारी जुटाने में लगे