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भूपतवाला बेस हॉस्पिटल में घुसा बारिश का पानी

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 150 बेड के बेस हॉस्पिटल में घुसा बारिश का पानी मरीजों का इलाज करने वाले स्टाफ बाल्टी में बारिश का पानी भरते दिखाई दिये। देखे वीडियो......... कोविड संक्रमित मरिज़ो के इलाज के लिए हरिद्वार स्थित भूपतवाला में बनाये गए बेस हॉस्पिटल में भरा बारिश का पानी। योगगुरू बाबा रामदेव का संस्थान और उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित है हरिद्वार में बेस हॉस्पिटल। एक दिन की बारिश ने बेस हॉस्पिटल में व्यवस्थाओं की खोली पोल। आईसीयू वार्ड तक पहुचा बारिश का पानी। मरीजों की देखभाल करने वाले स्टाफ बाल्टियों में पानी भरते दिखे। पानी की निकासी के लिए नही की गई कोई व्यवस्था। कोविड संक्रमित मरीजो के बेड के नीचे तक घुसा बारिश का पानी। हॉस्पिटल कर्मचारियों द्वारा बारिश के पानी को बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी।

(अद्भुत प्रसंग, भावविभोर करने वाला प्रसंग जरुर प्ढ़े) बाल्मीकि रामायण और तुलसीकृत रामायण में इस कथा का वर्णन नहीं है, पर तमिल भाषा में लिखी *महर्षि कम्बन की #इरामावतारम्'* मे यह कथा है।  

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सुदीप कपुरवान  द्वारा साभार  (अद्भुत प्रसंग, भावविभोर करने वाला प्रसंग जरुर प्ढ़े) बाल्मीकि रामायण और तुलसीकृत रामायण में इस कथा का वर्णन नहीं है, पर तमिल भाषा में लिखी *महर्षि कम्बन की #इरामावतारम्'* मे यह कथा है।   रावण केवल शिवभक्त, विद्वान एवं वीर ही नहीं, अति-मानववादी भी था..। उसे भविष्य का पता था..। वह जानता था कि श्रीराम से जीत पाना उसके लिए असंभव है..। जब श्री राम ने खर-दूषण का सहज ही बध कर दिया तब तुलसी कृत मानस में भी रावण के मन भाव लिखे हैं-- खर दूसन मो सम बलवंता । तिनहि को मरहि बिनु भगवंता।। रावण के पास जामवंत जी को #आचार्यत्व का निमंत्रण देने के लिए लंका भेजा गया..। जामवन्त जी दीर्घाकार थे, वे आकार में कुम्भकर्ण से तनिक ही छोटे थे। लंका में प्रहरी भी हाथ जोड़कर मार्ग दिखा रहे थे। इस प्रकार जामवन्त को किसी से कुछ पूछना नहीं पड़ा। स्वयं रावण को उन्हें राजद्वार पर अभिवादन का उपक्रम करते देख जामवन्त ने मुस्कराते हुए कहा कि मैं अभिनंदन का पात्र नहीं हूँ। मैं वनवासी राम का दूत बनकर आया हूँ। उन्होंने तुम्हें सादर प्रणाम कहा है। रावण ने सविनय कहा– &