गंगोत्री से जल कलश पहुंचा हरिद्वार मनसादेवी चरण पादुका स्थल पर

 जहाँगीर मलिक





गंगोत्री से जल कलश पहुंचा हरिद्वार मनसादेवी चरण पादुका स्थल पर दर्शन के लिए किया स्थापित कल सुबह 11 बजे होगा रवाना


गंगोत्री धाम से जल कलश लेकर रावण शिव प्रकाश जी हरिद्वार निरंजनी अखाड़ा स्थित चरण पादुका मंदिर में पहुंचे। जल कलश को चरण पादुका मंदिर में रख दिया गया। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए 29 को जल कलश नेपाल पहुंचेगा इसके बाद 30 नवंबर को पशुपतिनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा। हरिद्वार पहुंचने पर रावल का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि,  मां मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। गंगोत्री से जल लेकर चली कलशयात्रा मंगलवार को हरिद्वार पहुंची। गंगोत्री धाम के रावल शिवपक्राश महाराज ने बताया कि 15 नवंबर को गंगोत्री धाम से गंगाजल लेकर कलश यात्रा चली थी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार यात्रा पूरी तरह सूक्ष्म तरीके से रखी गई है। विभिन्न स्थानों से होते हुए मंगलवार 24 नवंबर को यात्रा निरंजनी अखाड़ा स्थित चरण पादुका मंदिर पहुंची। यहां जल कलश को श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में विधि विधान के साथ मंदिर में रखा गया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि बुधवार को कलश यात्रा मुरादाबाद के लिए रवाना होगी। इसके बाद लखनऊ, गोरखपुर स्थित गोरक्षनाथ मंदिर होते हुए कलश यात्रा नेपाल पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां भगवान शंकर का जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी कलश के गंगाजल से पूरे साल पशुपतिनाथ का अभिषेक किया जाता है। रावल शिवप्रकाश के अनुसार यह यात्रा सदियों से चल रही थी। बीच में किन्हीं कारणों से बंद हो गई थी। साहित्यिक और पुरातात्विक साक्ष्य मिलने के बाद 15 साल पहले यात्रा फिर से शुरू की गई। बताया कि सभी प्रमाण नेपाल सकार को मुहैया कराए गए। गंगोत्री धाम के रावल शिवप्रकाश पशुपतिनाथ के राजगुरु भी हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि गंगोत्री धाम से कलश यात्रा की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस बार कलश यात्रा मां मनसा देवी मंदिर के निरंजनी अखाड़ा स्थित चरण पादुका मंदिर में पहुंची। जहां परंपरा के तहत विधि विधान से कलश यात्रा का स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्रीमहंत राम रतन गिरी, श्रीमहंत दिनेश गिरी, श्रीमहंत किशोर पुरी, अंबिका पुरी, बलवीरपुरी, राजपुरी, रविपुरी, पदम् नारायण गिरि, महंत डोंगर गिरि, अनिल शर्मा, बिंदु गिरि, विमल उपाध्याय, चेयरमैन गुजरात आर्थिक निगम के हेमंत टुटेजा, प्रतीक सूरी, संदीप अग्रवाल, सुंदर राठौर, अर्जुन, मनोज मंत्री, विशाल गर्ग आदि संत-महंत उपस्थित रहे।

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