सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है-सतपाल ब्रह्मचारी


  • सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है-सतपाल ब्रह्मचारी
    हरिद्वार, 11 मई। श्री राधाकृष्ण धाम के परमाध्यक्ष पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति में सेवा व अन्नदान का विशेष महत्व बताया गया है। कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए किए गए लाॅकडाउन में गरीब, मजदूर वर्ग को जिस प्रकार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सेवा व अन्नदान का महत्व और बढ़ गया है। क्योंकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के चलते धर्मनगरी हरिद्वार में भी दैनिक मजदूरी कर परिवार चलाने वाले मजूदरों का रोजगार बंद हो गया है। मजदूर परिवार के लिए भोजन तक नहीं जुटा पा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए राधाकृष्ण धाम ने सभी को भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। लाॅकडाउन खुलने तक इस संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन की घोषणा होने के अगले दिन से ही आश्रम की ओर से प्रतिदिन हजारों मजदूरों, निराश्रितों को भोजन पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। भोजन पैकेट के साथ गरीब परिवारों को आटा, चावल, दाल, तेल, मसाले आदि के रूप में राशन भी वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सेवा कार्य में संत समाज के साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी निरंतर सहयोग कर रही हैं। सभी के सहयोग से सेवा कार्यों का सिलसिला निर्बाध रूप से चल रहा है। इस दौरान पार्षद महावीर वशिष्ठ, पार्षद कैलाश भट्ट, आकाश भाटी, नितिन यादव यदुवंशी, नीरव साहू, थानेश्वर शर्मा, हिमांशु बहुगुणा, तरूण व्यास, अनूप चैहान, एकलव्य गोस्वामी, रोहित नेगी, गोविन्द, ललित कोठारी आदि मौजूद रहे।


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