धड़ल्ले से जारी है ओवरहाईट और ओवरलोडिंग का खेल,

धड़ल्ले से जारी है ओवरहाईट और ओवरलोडिंग का खेल, जिम्मेदार विभाग मौन


ऐजाज हुसैन


लालकुआं। पुलिस प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद वाहनों में ओवरलोडिंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। लालकुआं में सेंचुरी पेपर मिल, रेता-बजरी एवं लकड़ी की बड़ी मंडी है जिससे यहां रोजाना छोटे-बड़े सभी तरह के वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। इनमें से अधिकांश वाहन क्षमता से अधिक ओवरलोड वजन ढोते हैं। सेंचुरी पेपर मिल में बगास, लकड़ी आदि लेकर आने वाले अधिकतर वाहनों में ओवरलोड वजन होता है। जबकि माल लोडिंग स्थान से लेकर लालकुआं पहुंचने तक इन ओवरलोड वाहनों को दर्जनों पुलिस, आरटीओ एवं वन विभाग के बैरियर, चौकी और थानों को पार करना पड़ता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर उक्त स्थानों पर लगातार जारी चैकिंग के बावजूद यह ओवरलोड वाहन जिम्मेदारों को नजर क्यों नहीं आते हैं। जबकि एक आम आदमी अपने जरुरी काम के लिए जब दोपहिया वाहन लेकर निकलता है तो वह पुलिस एवं परिवहन विभाग की पैनी नजरों से बच नहीं पाता है और आएदिन उसका चालान काटकर उसके हाथ में पकड़ा दिया जाता है। वहीं पुलिस एवं परिवहन विभाग को भारी वाहनों में होने वाली ओवरलोडिंग क्यों नहीं दिखाई देती है। यदि ओवरलोडिंग में शामिल वाहन चालकों की मानें तो ओवरलोडिंग के एवज में उन्हें बाकायदा हर महीने एक निर्धारित रकम चुकानी होती है। तभी ओवरलोडिंग संभव है। अन्यथा उनका सड़क पर चलना मुश्किल है।
इस संबंध में पर्यावरण संघर्ष समिति के हर्ष बिष्ट का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन एवं नेशनल हाइवे अथॉरिटी से लिखित शिकायत की है। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा उक्त संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जो कि बहुत ही निंदनीय है।
वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी लालकुआं शांतनु परासर ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है जिस पर उन्होंने कोतवाली पुलिस को आदेश जारी कर दिये हैं। यदि कोई वाहन ओवरलोडिंग व हाईवे पर खड़ा पाया जाता है तो उसे सीज करने के साथ साथ पुलिस एक्ट में कार्रवाई की जाएगी।


Comments

Popular posts from this blog

ब्रेकिंग -हरिद्वार में भूकंप के झटके

कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर सील हुआ उत्तराखंड का बॉर्डर, देखें

पूर्ति निरीक्षक रिश्वत लेते हुए कैमरे में हुआ कैद वीडियो हुआ वायरल